अमृत सरोवर मिशन क्या है ? और भविष्य के लिए यह क्यों जरुरी है ?

 जैसा की हम सभी जानते है कि पुरे विश्व में पानी का संकट (Water Scarcity ) एक अहम् समस्या है . आज हर कोई देश पानी की कमी को लेकर परेशान है क्यों कि जनसँख्या में निरंतर वृधि हो रही है लेकिंन जल संसाधन और जल सरंक्षण  में कमी हो रही है . इसी समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने अमृत सरोवर मिशन को सभी राज्यों में लागु किया है |

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अमृत सरोवर मिशन क्या है (What is Amrit Sarovar Mission ) ?

भारत सरकार  ने आज़ादी के अमृत महोत्सव के क्रम में  देश में जल संरक्षण (Water Conservation ) के लिए 24 अप्रैल 2022 को अमृत महोत्सव मिशन को लांच किया | इस मिशन का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जिले में कम से कम 75 तालाबो या जल संरक्षण ढांचों को बनाना या रेनोवेट (Renovate ) करना है |

लोगो को इस योजना से जोड़ने  के लिए  प्रधान मंत्री नरेद्र मोदी कहते है “हम सब ͧमलकर एक काम कर सकते है  हम संकल्प करे कि इस वर्ष प्रतिपदा से अगले वर्ष प्रतिपदा तक हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाएँगे | "

इसे मिशन से सभी ग्रामीण जिलों का विकास होगा जिसमें कम से कम 75 अमृत सरोवर होंगे जिनकी कुल संख्या लगभग 50,000 होगी ।

अमृत सरोवर का निर्धारण कैसे हो ? (Selection Criteria of Amrit Sarovar )

देश के हर गाँव में एक या दो तालाब उपलब्ध है ऐसे में अमृत सरोवर किसे का निर्धारण कैसे करे , आओ इसके बारे में बात करे | अमृत सरोवर के निर्धारण हेतु उस तालाब या वाटर बॉडीज के जल संरक्षण की क्षमता कम से कम 10000 घन मीटर होनी चाहिए और तालाब क्षेत्र कम से कम 1 एकड़ (0.4 hectare) होना आवश्यक है |

अगर कोई जिला नए अमृत सरोवर का निर्माण नहीं कर सकता है तो वो जिले में उपलब्ध तालाबो या अन्य जल संरक्षण ढांचों को रेनोवेट (Renovate ) कर सकते है |

अमृत सरोवर मिशन की अवधि क्या है ? (Mission Duration of Amrit Sarovar mission )

चुकी अमृत सरोवर मिशन को आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में लांच किया गया है , अतः इस मिशन को 15 अगस्त 2023 , जब देश आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करेगा , तक पूर्ण किया जाना है |

इस मिशन के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए " Whole of Government " द्रष्टिकोण से कार्य किया जा रहा है जिसमे सरकार के अलग अलग विभागों को एक साथ शामिल किया गया है | अमृत सरोवर के निर्माण में निम्न विभागों द्वारा कार्य किया जाएगा :

1. ग्रामीण विकास मंत्रालय (ग्रामीण विकास विभाग/भूमि संसाधन विभाग)
2. जल शक्ति मंत्रालय (जल संसाधन विभाग/ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग)
3. संस्कृति मंत्रालय
4. पंचायती राज मंत्रालय
5. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
6. भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG -N)

भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान द्वारा विकसित "अमृत सरोवर" पोर्टल
एप्लिकेशन और जियोमैटिक्स-नेशनल (BISAG-N) का उपयोग अमृत सरोवर के चयनित करने के लिए किया जाता है ।

उपरोक्त मिशन को तय समय में पूर्ण करने के लिए राज्य व् जिले के स्तर पर कमेटी का निर्धारण किया गया है जिनका मुख्य उद्देश्य "अमृत सरोवर " मिशन को  अलग अलग विभागों के बीच सामंजश्य स्थापित करके   धरातल पर लागू करना है |

Funding of Amrit Sarovar mission

अमृत सरोवर मिशन के लिए अलग अलग योजनाओ को सम्मिलित करते हुए funding की जानी है जिसमे Mahatma Gandhi NREGA, XV Finance Commission Grants (both tied and untied), PMKSY-WDC, PMKSY-HKKP-RRR और राज्यों में संचालित जल सरक्षण की योजना |

उपरोक्त मिशन के लिए Public contribution (crowd funding/CSR) को नहीं शामिल किया गया है |

और साथ ही इस योजना में जल सरक्षण ढांचों या तालाबो का सोंदर्यीकरण नहीं किया जा सकता है |

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